शिल्पवेद पुनरुद्धारक शिल्पकलानिधि श्री॰ कृष्णाजी विनायक वझे

भारतवर्ष अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। अतीत में यह न केवल अधात्म में अग्रणी अपितु भौतिक उन्नति के पराकाष्ठा पर भी विराजमान थी। इस संवृद्धि के आधार थे प्राचीन भारतीय टेक्नोलॉजी जो ‘शिल्प’ के नाम से प्रसिद्ध है। परन्तु काल के प्रवाह में यह नष्ट होती चली। लगभग ३००० वर्षों के …